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IMPORTANT INFORMATION FOR All Office Bearer of AISMA ( ALL INDIA STATION MASTER ASSOCIATION )

Dear All Office Bearer of AISMA ,                                                            If you want to publish any news or any I...

Jun 14, 2019

PROPOSED NEW DESIGNATIONS OF INDIAN RAILWAY TRAFFIC SERVICE (IRTS) OFFICERS



PROPOSED NEW DESIGNATIONS OF INDIAN RAILWAY TRAFFIC SERVICE (IRTS) OFFICERS


AISMA CR ZONAL SAFETY SEMINAR conducteded successfully on 13-06-19

AISMA CR ZONAL SAFETY SEMINAR was conducted successfully on 13-06-19 at CSMT AUDITORIUM 250+ station masters attended the seminar.

Seminar commenced with lightning of lamps by Dy.Com Shri K.N.Singh,CP Shri Dhananjay,CVP Shri Vijay Patil, ZP Shri S.B.Garud and other Office bearers.

Jun 13, 2019

बिहार से रेलवे को मिल सकती हैं सबसे ज्यादा महिला ड्राइवर, साल के अंत तक ज्वाइनिंग

रेलवे में ट्रेन ड्राइवर के लिए बिहार से सबसे ज्यादा महिलाएं चुनी जा सकती हैं, क्योंकि इस राज्य से परीक्षा देने वाली महिला अभ्यर्थियों की तादाद 72817 है। दूसरे नंबर पर उत्तरप्रदेश है। यहां से 67813 महिलाएं परीक्षा में बैठीं। रेलवे ने राज्यों के अनुसार स्क्रूटनी कर ली है। इसके अनुसार पंजाब से सबसे कम महिलाओं ने रुचि दिखाई है। 

रेलवे में पहली बार 98 ट्रांसजेंडरों ने परीक्षा दी है, अगर इन लोगों ने परीक्षा पास कर ली तो वे ट्रेन ड्राइवर और टेक्नीशियन बन सकेंगे। अधिकारियाें के अनुसार फाइनल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस साल के अंत तक सभी नियुक्तियां हो जाएंगी। 

पंजाब से सबसे कम अभ्यर्थी

राज्यमहिलाएं
बिहार72817
उत्तरप्रदेश67813
आंध्रप्रदेश47358
महाराष्ट्र43833
तमिलनाडु39139
मध्यप्रदेश32595
केरल22799
पश्चिम बंगाल21625
उड़ीसा13944
तेलंगाना19117
झारखंड17513
दिल्ली2393
पंजाब1965

ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हुए थे 48 लाख अभ्यर्थी 
रेलवे में लोको पायलट और टेक्नीशियन के 64371 पदों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसमें 27795 सहायक लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) और 36576 टेक्नीशियन के पद शामिल होंगे।
लोको पायलट और टेक्नीशियन के लिए करीब 48 लाख अभ्यर्थी ऑनलाइन परीक्षा में शामिल हुए थे, इनमें 42.82 लाख पुरुष और 4.75 लाख महिलाएं हैं। ट्रेन ड्राइवर के लिए पहली बार महिलाएं इतनी संख्या में परीक्षा में शामिल हुई।
अभी तक लोकल ट्रेन और मेट्रो में ही महिला ड्राइवर होती थीं, लेकिन लंबी दूरी की ट्रेनों में ड्राइवरों की दिन-रात की ड्यूटी होती है, इसलिए महिलाएं कम रुचि लेती थीं।

Source - Dainik Bhaskar 

टीम ने रेलवे यार्ड संग स्टेशन का लिया जायजा

प्रयागराज मंडल रेलवे कार्यालय के सेफ्टी, इंजीनियरिग, आपरेटिग एवं सिग्नल विभाग के अधिकारियों की टीम बुधवार की सुबह नौ बजे रेलवे स्टेशन पहुंची। जहां यार्ड, सिग्नल तथा रेलवे ट्रैकों के अलावा स्थानीय रेलवे स्टेशन के मुख्य कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों की टीम ने बताया कि जो भी कमियां मिली है उसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर जीएम व डीआरएम कार्यालय को सौंपा जाएगा, इसके बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज मंडल रेलवे के सीनियर डीईएन राजेश कुमार, मंडल परिचालन प्रबंधक कोचिग ऋषिकेश मौर्या, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी आरके जाटव, सीनियर डीएसटी सिग्नल दिलीप कुमार राजपूत की टीम पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से सुबह नौ बजे के लगभग स्टेशन पर पहुंची। अधिकारियों की टीम सबसे पहले रेलवे ट्रैकों का निरीक्षण संगमोहाल से लेकर बरौधा तक किया गया। जहां बारिकी से जांच करने के बाद रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद यार्ड के अलावा मालगोदाम, रेलवे स्टेशन पर लगे सिग्नलों को देखा। दोपहर एक बजे के लगभग डिप्टी एसएस कार्यालय पहुंचे। जहां रेलवे आपरेटिग के बारे में जानकारी हासिल करते हुए पूरी रिपोर्ट तैयार किया। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों के साथ एसएस कार्यालय बैठक कर जायजा लिया और दिशा निर्देश देने के बाद शाम साढ़े तीन बजे के लगभग सीमांचल एक्सप्रेस से प्रयागराज के लिए टीम रवाना हो गई। इस मौके पर सीनियर डीएसटी मीरजापुर सुजीत सिंह, एसएस रवींद्र कुमार, टीआई संजीत कुमार, एके अकेला आदि मौजूद रहे।

Source - Jagran 

Plea to augment additional AC Chair Coach to Tipu and Chamundi Express

The presently running Tipu Express and Chamundi Express trains’ coach composition consists of just a single AC coach (that is, AC Chair Car Coach- C1) apart from general sitting coaches. It is ironical to note that no effort is yet made by the authorities concerned to augment an additional air conditioned chair coaches in these two popular trains running between Bengaluru and Mysuru, as the trains have been operating since long on this route.

The non-availability of an additional AC coach is thus highly causing inconvenience to many passengers during the day time. At times owing to popular demand and the need to travel by AC coaches, the waitlist numbers surges resulting only in the need for an extra coach augmentation.

Hence it is hereby requested to the South Western Railway authorities at Mysuru Division to now urgently consider augmentation of an additional AC Chair Coach (that is, Coach C2) to both Tipu Express and Chamundi Express.

The move will further benefit the passengers of Bengaluru-Talaguppa Express and Bengaluru-Hubballi Siddaganga Express and Bengaluru-Mysuru Rajya Rani Express; as both Tipu Express and Chamundi Express also have rake sharing arrangement on daily basis with these three trains.

Source - starofmysore


Jun 10, 2019

Regarding Station Master Problem ,Sr DOM / Sonpur Given His Representation to GM/ Hazipur

One bright light at the end of the tunnel:

(Regarding Station Master Problem ,Sr DOM / Sonpur Given His Representation to GM/ Hazipur )


Sir

In my interaction with various field staff it was found that due to enormous duties SM puts off the signal by 2-3 minute late in many cases, which counts for delaying hundreds of train in a Division itself which results in to losing countless path, fuel and manpower, most of these cases happens where a single SM has been posted in a shift with countless duties. Some of his duties may pl be seen-

A. Duties related to operation-

Duties related to line clear: - SM has to make minimum 05 calls for passing each train and has to fill minimum two register (TSR and Pvt. No. Sheet). In addition to it if any level crossing exists in stations limit he has to make two more calls and maintain one register per level crossing gate.

Exchanges of Signal: - For Exchanging Signal with Driver and Guard of a train, an SM has to be alert with 3 minutes for receiving & dispatching a train safely for next station.

10 साल में बनकर तैयार हुआ नक्शा, रतलाम-इंदौर ट्रैक को राजधानी रूट से जोड़ंेगे


तकनीकी पेचीदगीयों को पार करते हुए रेलवे ने रेल मंडल की पहली बायपास रेल लाइन का नक्शा तैयार कर लिया है। 14 किमी लंबी बायपास रेल लाइन रतलाम-इंदौर सेक्शन के नौगांवा स्टेशन के पास इटावामाता से शुरू होकर माेरवनी स्टेशन के पास वाले राधाकृष्ण नगर पर जाकर दिल्ली-मुंबई राजधानी रूट से जुड़ेगी। दस साल की मशक्कत, तीन बार सर्वे और ज्वाइंट पाइंट चयन के लिए कई बार निरीक्षण करने के बाद इंजीनियर इस सिंगल लाइन वाले बायपास का नक्शा फाइनल कर पाए है। मई अंत में रेल मंडल ने पश्चिम रेलवे मुख्यालय भेज चुका है, जिसका शुरुआती तकनीकी परीक्षण हो गया है। रेलवे को उम्मीद है कि जून अंत तक नक्शे पर मुख्यालय की मुहर लग जाएगी। इसके बाद रेलवे जमीन अधिग्रहण व टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देगा।

Kotak pushes for Konkan railway halt at Bhandup


The long-pending demand regarding a halt for a Konkan Railway train at Bhandup station has been taken up by the newly-elected Member of Parliament from Mumbai North East. Manoj Kotak has said that he will begin communication with Central Railway and get a feasibility survey conducted.

"The demand has been there for a long time and I have begun communication with the railways to explore this aspect. Surveys will have to be done and then some civil work like an extension of platform etc will have to be taken up. I am trying my best to see what can be done. It is in very early stages and nothing has been finalised but I do hope to get things done," Kotak told mid-day.

Mumbai locals to get 2 new car sheds at Vangaon, Karjat


The Mumbai Railway Vikas Corporation (MRVC) will soon set up two more car sheds – at Vangaon on the Western Railway (WR) and Karjat on the Central Railway (CR) – for the suburban trains.

The ₹33,000 crore project, planned under the Mumbai Urban Transport Project (MUTP-3A), will enhance the suburban railway’s capacity by adding new lines and rakes.

A senior official of MRVC said they have identified the site for the car sheds at Vangaon and Karjat. “We require over 30 hectares of land, most of which is barren. While part of the land is owned by the Railways, the rest will have to be acquired. We are awaiting final nod from CR and WR to begin the process,” he said.

ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर खड़े थे, राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आए, 4 की मौत



उत्तर प्रदेश के इटावा में सोमवार तड़के राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। इटावा-दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग स्थित बलरई रेलवे स्टेशन (थाना जसवंतनगर) पर यह दर्दनाक हादसा हुआ है। मृतकों की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। उधर, इस घटना पर शोक जताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को घायलों के उपचार के समुचित प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। 

पर्यावरण संरक्षण पर रेलवे की पहल, स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगा प्लास्टिक की बोतल क्रश करने पर पेटीएम रिवॉर्ड

एनजीटी ने रेलवे स्टेशन व पटरियों की साफ-सफाई पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रेलवे बोर्ड द्वारा सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी के लिए ईएण्डएचएम विभाग बनाया गया। वहीं पिछले दिनों रेलवे ने जयपुर सहित देशभर के 37 स्टेशनों को एनवायरमेंट फ्रेंडली बनाने का निर्णय लिया था। जिसके तहत रेलवे ने प्रदेश के आठ व देशभर के करीब 90 स्टेशनों पर पानी की पैक्ड बॉटल को रिसाइकल करने के लिए 100 मशीनें लगाई हैं। प्रदेश में इसकी शुरुआत सबसे पहले जयपुर व गांधीनगर स्टेशनों से की गई है। जयपुर स्टेशन पर दो और गांधीनगर स्टेशन पर एक मशीन लगाई गई है। लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने व मशीन का उपयोग करने के लिए कंपनी द्वारा बोतल को क्रश करने पर रिवॉर्ड भी दिया जाएगा।

रेलवे में ग्रीन स्टेशन मास्टर से पहचान है अनवर अली की...जहां भी रहे उस स्टेशन काे हरा-भरा किया


33 साल में असिस्टेंट स्टेशन मास्टर से लेकर स्टेशन अधीक्षक तक पदों पर बदलाव होता रहा। लेकिन उत्तर पश्चिम रेलवे में इस व्यक्ति को एक खास नाम जानते है वो है ग्रीन स्टेशन मास्टर। जिस स्टेशन पर पोस्टिंग होती है उसे हरा-भरा करके मानते है। मिलिए इनसे ये हैं अनवर अली खान। भीलवाड़ा स्टेशन अधीक्षक पद पर कार्यरत है। हरियाली का शौक ऐसा कि स्टेशन के प्लेटफार्म पर ही 250 पौधों के गमले लगाकर हरा भरा कर दिया। ये कहानी सिर्फ एक स्टेशन की नहीं बल्कि कई और स्टेशनों की है।

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